पाठ 1 कंप्यूटर का परिचय

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो अपनी मेमोरी में मौजूद निर्देशो  के आधार पर कार्य करता है |

कंप्यूटर के 4 भाग होते हैं|

  1. इनपुट
  2. आउटपुट
  3. सीपीयू
  4. मेमोरी

कंप्यूटर का वर्गीकरण कंप्यूटर - कार्य और आकर के आधार पर निम्न प्रकार से बाटा  जा सकता है |  कार्य के आधार पर कंप्यूटर को तीन भागों में बांटा गया है |

  1. एनालॉग
  2. डिजिटल
  3. हाइब्रिड

एनालॉग कंप्यूटर- एनालॉग कंप्यूटर वे  कंप्यूटर होते हैं जो संकेतो पर कार्य करते हैं अंकों पर कार्य नहीं करते है |

डिजिटल कंप्यूटर - वह कंप्यूटर होते हैं जो अंको पर कार्य करते हैं संकेतो  पर कार्य नहीं करते है |

हाइब्रिड कंप्यूटर-  वह कंप्यूटर जो अंको में संकेतो  दोनों पर कार्य करते हैं |

आकर भंडारण क्षमता और प्रदर्शन के आधार पर कंप्यूटर को चार भागों में बांटा गया है |

  1. सुपर कंप्यूटर
  2. मेनफ्रेम कंप्यूटर
  3. मिनी कंप्यूटर
  4. माइक्रो कंप्यूटर

 सुपर कंप्यूटर यह आकर भंडारण क्षमता और कार्य क्षमता के आधार पर सबसे बड़ा कंप्यूटर होता है सुपर कंप्यूटर की कार्य करने की गति सबसे अधिक होती है यह सबसे महंगा कंप्यूटर का सुपर कंप्यूटर का रखरखाव भी सबसे ज्यादा होता है सुपर कंप्यूटर के उदाहरण भारत में परम ,जापान में Fujitsu’s K Computer, अमेरिका में IBM’s Sequia

 मेनफ्रेम कंप्यूटर-  मेनफ्रेम कंप्यूटर सुपर कंप्यूटर की तुलना में कम शक्तिशाली होते हैं आकर में सुपर कंप्यूटर से छोटे होते हैं तथा मिनी कंप्यूटर से आकर में बड़े तथा शक्तिशाली होते हैं में फ्रेम के उदाहरण –Fujitsu’s ICL VME, Hitachi’s Z800

मिनी कंप्यूटर- मिनी कंप्यूटर मेनफ्रेम कंप्यूटर से आकर में छोटे कम शक्तिशाली तथा सस्ते होते हैं मिनी कंप्यूटर के उदाहरण –K-202, Texas Instrument TI-990

माइक्रो कंप्यूटर - यह आकार में सबसे छोटे सबसे कम शक्तिशाली तथा सबसे सस्ते होते हैं माइक्रो कंप्यूटर के उदाहरण- डेस्कटॉप कंप्यूटर, लैपटॉप, PDAs, टैबलेट, स्मार्टफोन

कंप्यूटर सिस्टम के लाभ

  1. स्पीड
  2. शुद्धता
  3. उसे संचयन क्षमता
  4. विविधता
  5. परिश्रमशीलत

 लिमिटेशन - कंप्यूटर एक मूक  मशीन है कंप्यूटर में दिमाग नहीं होता कंप्यूटर स्वयं  से कुछ नहीं कर सकता है |

सॉफ्टवेयर-  हमारे द्वारा दिए गए निर्देशों के समूह को प्रोग्राम कहते हैं और प्रोग्रामो के समूह को सॉफ्टवेयर कहते हैं |

कंप्यूटर में सॉफ्टवेयर को मुख्यतः तीन भागों में बांटा जा सकता है |

  1. ऑपरेटिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर
  2. एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर
  3. यूटिलिटी सॉफ्टवेयर

सिस्टम सॉफ्टवेयर ऑपरेटिंग सिस्टम - सॉफ्टवेयर सिस्टम सॉफ्टवेयर कंप्यूटर का मुख्य सॉफ्टवेयर होता है सिस्टम सॉफ्टवेयर के बिना कंप्यूटर कोई भी कार्य नहीं कर सकता हैं | प्रोग्राम का ऐसा समूह  जो कंप्यूटर के सभी हार्डवेयर उपकरणों को नियंत्रित करता है तथा एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को चलने के लिए जगह प्रदान करता है उसको सिस्टम सॉफ्टवेयर कहते हैं सिस्टम सॉफ्टवेयर कंप्यूटर के सभी कार्यों को नियंत्रित करता है सिस्टम सॉफ्टवेयर के उदाहरण- विंडोज, लाइनेक्स, यूनिक्स ,रेडहेट,मैक ओस ,  एंड्राइड, फेडोरा, उबटू, सोलारिस ,हाइकू , बीओएस, बेल लेब्स से प्लान 9 ,H P युएक्स ,वेब ओएस,क्रोम ओएस,सबायोन ,लिनिक्स, टूकिवटो,  डेबियन केनमो जी एन यू ,  ब्लैकबेरी ओएस इत्यादि |

 डिवाइस ड्राइवर- यह ऑपरेटिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर का ही भाग है ऐसे प्रोग्राम जो केवल एक डिवाइस को नियंत्रित करते हैं जैसे ऑडियो के लिए ऑडियो ड्राइवर वीडियोके लिए वीडियो ड्राइवर कीबोर्ड के लिए कीबोर्ड ड्राइवर

क्लाइंट -वह कंप्यूटर जो सर्वर कंप्यूटर से सेवा ले रहा है |

सर्वर- सर्वर एक मुख्य कंप्यूटर होता है जो दूसरे कंप्यूटर को सेवा प्रदान करता है |